अनंतिम

सत्यव्रत की हिंदी/हिंदुस्तानी रचनाएँ

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प्यार तो है (हाइकु)

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[2005]

होठों में हँसी,
दिल में कहीं इक,
दरार तो है.

बेचैन तो हूँ,
बस ख़ुशी है, तुझे-
करार तो है.

मैं बरबाद,
पर तेरे घर में,
बहार तो है.

फ़कीरी में भी
गिला नहीं, ये तेरा-
बाज़ार तो है.

सच कहूँ तो,
तुझे हो न हो, मुझे-
हाँ, प्यार तो है.

वो शायर तो,
गुज़र चुका पर,
मज़ार तो है.

Written by SatyaVrat

सितम्बर 3, 2010 at 12:04 पूर्वाह्न